भारतीय सेना द्वारा आयोजित संयुक्त युद्धाभ्यास राम प्रहार हाल ही में राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में सम्पन्न हुआ, जिसमें मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री, आर्मर्ड रेजिमेंट, एयर डिफेंस यूनिट और आर्टिलरी फॉर्मेशन ने हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य पश्चिमी सीमा पर संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता का परीक्षण करना था। सेना ने बताया कि इस अभ्यास में लाइव फायरिंग, डे नाइट ऑपरेशन और रियल टाइम कम्युनिकेशन सिस्टम का प्रयोग किया गया।
अभ्यास में आर्टिलरी की उन्नत K9 वज्र प्रणालियों, टी 90 टैंकों, पिनाका मल्टी रॉकेट लॉन्चर और UAV आधारित निगरानी प्रणालियों का व्यापक उपयोग हुआ, जिससे परिचालन समन्वय और बहु-आयामी युद्धक क्षमता की पुष्टि हुई। इस दौरान एयर सपोर्ट के लिए हेलिकॉप्टर स्क्वाड्रनों ने भी मिशन आधारित उड़ानें भरीं, जिनसे ग्राउंड यूनिटों के साथ इंटरऑपरेबिलिटी मजबूत हुई। सैन्य अधिकारियों के अनुसार यह अभ्यास भविष्य की हाई इंटेंसिटी ऑपरेशन की तैयारी सुनिश्चित करता है।
अभ्यास के समापन के बाद सेना ने सभी यूनिटों से आफ्टर एक्शन रिपोर्ट मांगी है, जिनमें ऑपरेशनल प्रदर्शन, संचार प्रणाली और आधुनिक हथियार प्रणालियों की दक्षता का मूल्यांकन किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अभ्यास के आधार पर कुछ हथियार प्लेटफॉर्म और कम्युनिकेशन नेटवर्क में सुधार की सिफारिशें आगे भेजी जाएंगी। जवानों और अधिकारियों ने इसे चुनौतीपूर्ण, उपयोगी और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अभ्यास बताया है।
युद्धाभ्यास ‘राम प्रहार’: टैंक, तोप और मशीन गन का सटीक तालमेल
