Fact Check: ISI ने पोस्ट किया जनरल वीपी मलिक का डीप फेक वीडियो, राफेल को लेकर किया फर्जी दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारतीय सेना और वायुसेना को निशाना बनाकर फैलाया गया एक भ्रामक और मनगढ़ंत दावा अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। एक पाकिस्तानी हैंडल द्वारा यह झूठा दावा किया गया कि एक पूर्व भारतीय सेना प्रमुख ने पाकिस्तान की सैन्य क्षमता की तारीफ की और कहा कि Rafale लड़ाकू विमानों को निशाना बनाना पाकिस्तान की सैन्य श्रेष्ठता को दर्शाता है। इस दावे को विश्वसनीय दिखाने के लिए ANI का एक वीडियो क्लिप भी साझा किया गया।

क्या था दावा?

पाकिस्तानी हैंडल @JawadYousufxai ने दावा किया कि
एक पूर्व Indian Army Chief ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के सैन्य उपकरणों और Rafale को लेकर कथित बयान दिया।

क्या है सच्चाई?

यह दावा पूरी तरह झूठा, भ्रामक और डीपफेक आधारित है।

पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वेद मलिक ने स्वयं इस दावे को खारिज करते हुए X पर स्पष्ट लिखा:

“It is a deepfake. Pakistani ISI at work!”
(यह डीपफेक है, पाकिस्तानी ISI का काम है।)

इतना ही नहीं, इस फर्जी दावे पर एक और पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस वीडियो को देखकर टिप्पणी की:

“Even the accent is wrong!!”
(यहाँ तक कि आवाज़ का उच्चारण भी गलत है!!)

यह प्रतिक्रिया इस बात की पुष्टि करती है कि:

  • वीडियो में इस्तेमाल की गई आवाज़ वास्तविक नहीं है
  • ऑडियो को आर्टिफिशियल तरीके से जोड़ा या बदला गया
  • दावा जानबूझकर डीपफेक तकनीक के ज़रिये गढ़ा गया

ANI वीडियो की असलियत

जिस ANI वीडियो क्लिप का उपयोग किया गया:

  • वह किसी अन्य कार्यक्रम और संदर्भ का है
  • उसमें Rafale या पाकिस्तान की तारीफ से जुड़ा कोई बयान नहीं है
  • वीडियो को काट-छांटकर और संदर्भ बदलकर पेश किया गया

यानी वीडियो असली है, लेकिन उसके साथ जो दावा जोड़ा गया, वह पूरी तरह फर्जी है।

यूजर्स ने असली वीडियो अपलोड कर बताई सच्चाई

सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मामले पर तेजी से काम किया और असली व फेक वीडियो को एक साथ दिखाकर ISI के पूरे नैरेटिव को एक ही झटके में ध्वस्त कर दिया।

क्यों गंभीर है यह मामला?

यह सिर्फ एक फेक पोस्ट नहीं है, बल्कि:

  • पूर्व Army Chiefs के नाम और चेहरे का दुरुपयोग
  • ANI जैसे भरोसेमंद मीडिया ब्रांड का गलत इस्तेमाल
  • Rafale जैसे रणनीतिक रक्षा प्लेटफॉर्म को निशाना बनाना

इन सभी कारणों से यह मामला सूचना युद्ध (Information Warfare) और मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) की श्रेणी में आता है।

उद्देश्य क्या था?

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे डीप फेक दुष्प्रचार का उद्देश्य:

  • भारतीय सेना और वायुसेना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना
  • Rafale जैसे हथियार सिस्टम को लेकर भ्रम फैलाना
  • भारत के भीतर अविश्वास और शंका पैदा करना

FACT CHECK

✔ दावा: पूर्व सेना प्रमुख ने पाकिस्तान की सैन्य श्रेष्ठता और Rafale को लेकर बयान दिया
❌ सच्चाई: दावा पूरी तरह झूठा और डीपफेक आधारित
✔ प्रमाण: जनरल वेद मलिक और जनरल मनोज नरवणे दोनों ने सार्वजनिक रूप से खंडन किया
❌ कोई वास्तविक या आधिकारिक बयान मौजूद नहीं

निष्कर्ष:

यह वीडियो और उससे जुड़ा दावा पूरी तरह फर्जी है। यह एक संगठित दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा है, जिसे तथ्यों और आधिकारिक प्रतिक्रियाओं ने पूरी तरह उजागर कर दिया है।

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