कितनी ताकतवर है मेड-इन-इंडिया नेगेव गन, 2026 से आर्मी करेगी इस्तेमाल

भारतीय सेना की सेक्शन-लेवल फायरपावर को नई धार देने वाली मेड-इन-इंडिया नेगेव NG-7 लाइट मशीन गन वर्ष 2026 से सेना के बेड़े में शामिल होने जा रही है। 7.62×51 मिमी कैलिबर की यह घातक मशीन गन खास तौर पर ऊंचाई वाले और अत्यधिक ठंडे इलाकों में युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर चुनी गई है।

सेना को कुल 40,000 नेगेव NG-7 मशीन गन मिलने वाली हैं, जो पुराने INSAS LMG और बेल्जियम निर्मित मिनिमी को चरणबद्ध तरीके से रिप्लेस करेंगी।

2026 से शुरू होगी तैनाती, सीमावर्ती मोर्चों को प्राथमिकता

पहले चरण में 6,000 से 8,000 नेगेव NG-7 जनवरी से जून 2026 के बीच भारतीय सेना को सौंपी जाएंगी। इन हथियारों की प्राथमिक तैनाती

  • Line of Actual Control (LAC)
  • जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियानों में लगी यूनिट्स
    में की जाएगी।

सेना की योजना के अनुसार, प्रत्येक इन्फैंट्री फायर टीम को दो नेगेव NG-7 दी जाएंगी, जिससे ग्राउंड लेवल पर फायर सपोर्ट कहीं अधिक प्रभावी हो सके।

AI-generated image

क्यों खास है नेगेव NG-7

नेगेव NG-7 को 5.56 मिमी श्रेणी के हथियारों की तुलना में अधिक घातक और लंबी रेंज वाला माना जाता है।
मुख्य तकनीकी विशेषताएं:

  • कैलिबर: 7.62×51 मिमी
  • वजन: लगभग 7.95 किलोग्राम
  • फायरिंग रेट: 650–850 राउंड प्रति मिनट
  • गैस-ऑपरेटेड, बेल्ट-फेड सिस्टम
  • फोल्डिंग स्टॉक और बाइपॉड के साथ बेहतर स्थिरता
AI-generated images

2023–24 के दौरान लद्दाख और सिक्किम जैसे हाई-एल्टीट्यूड क्षेत्रों में हुए ट्रायल्स में इस गन ने बेल्जियम, रूस और दक्षिण कोरिया की प्रतिस्पर्धी LMGs की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।

भारतीय हालात के अनुसार किए गए खास बदलाव

मेड-इन-इंडिया नेगेव NG-7 में भारतीय सेना की जरूरतों के मुताबिक कई महत्वपूर्ण मॉडिफिकेशन शामिल किए गए हैं:

  • अत्यधिक ठंड में टिकाऊ बैरल, 70% क्रोमियम प्लेटिंग के साथ
  • पिकाटिनी रेल सिस्टम, जिससे आधुनिक ऑप्टिक्स और सेंसर लगाए जा सकें
  • नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशंस के लिए संगतता, सेना के बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ाव
  • NATO बेल्ट और स्वदेशी पॉलिमर मैगजीन, दोनों से फायर करने की क्षमता
AI-generated images

पहले इज़राइल से आयात, अब स्वदेशी उत्पादन

भारतीय सेना ने 2020 में उत्तरी सीमाओं पर तत्काल जरूरतों को देखते हुए Israel Weapon Industries से लगभग 16,000 नेगेव NG-7 गन फास्ट ट्रैक प्रोसीजर के तहत खरीदी थीं। इसके बाद सेना ने शेष जरूरतों को देश में ही पूरा करने का फैसला लिया।

अब भारत में बन रही है यह घातक गन

इसी क्रम में अब यह हथियार भारत में इज़राइल के साथ तकनीकी सहयोग के जरिए बनाया जा रहा है। इस परियोजना को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी Adani Defence & Aerospace की है, जो इज़राइली कंपनी IWI के साथ जॉइंट वेंचर के तहत इसका निर्माण कर रही है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित फैक्ट्री में यह गन फुल ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (ToT) के तहत बनाई जा रही है। यह प्लांट सभी आवश्यक आर्मी ट्रायल्स पास कर चुका है और यहां उत्पादन क्षमता 3,500 से अधिक गन प्रति माह तक पहुंच चुकी है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

इस प्रोजेक्ट के तहत अगले तीन वर्षों में 75% स्वदेशी सामग्री और दशक के अंत तक 90% इंडिजिनाइजेशन का लक्ष्य रखा गया है। यह न सिर्फ आयात पर निर्भरता घटाएगा, बल्कि निजी क्षेत्र को रक्षा उत्पादन में मजबूत भूमिका भी देगा।

कुल मिलाकर, मेड-इन-इंडिया नेगेव NG-7 भारतीय सेना को अधिक मारक, भरोसेमंद और भविष्य के युद्ध के लिए तैयार फायरपावर प्रदान करने जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *