नया साल-2026 भारतीय सेना के लिए एक नए युग की शुरुआत लेकर आया है। ‘मेक इन इंडिया’ का सपना अब हकीकत बन रहा है साथ ही देश में बने हथियारों का रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन भी हो रहा है। विदेशों में भारतीय हथियारों की बिक्री दोगुनी हो गई है, और सबसे बड़ी बात, परमाणु पनडुब्बी से लेकर अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों तक, भारतीय सेना इस साल ऐसे दमदार हथियारों से लैस होगी जो दुश्मनों के छक्के छुड़ा देंगे। 1.75 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन के साथ भारत अब दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं की कतार में खड़ा होने को तैयार है।
Make In India भी और एक्सपोर्ट भी
इस साल भारत में 1.75 लाख करोड़ रुपये के हथियार और रक्षा सामान बनने की उम्मीद है। पिछले साल यह आंकड़ा 1.54 लाख करोड़ रुपये था, यानी 18 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
विदेशों में हथियारों की बिक्री भी बढ़ी है। पिछले साल हमने 23,622 करोड़ रुपये के हथियार दूसरे देशों को बेचे। प्राइवेट कंपनियां भी अब रक्षा सामान बनाने में 23 फीसदी हिस्सा ले रही हैं, जो ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता को दिखाता है।
वायुसेना को मिलेंगे नए विमान और हथियार
भारत में बना ‘तेजस Mk-1A’ लड़ाकू विमान इस साल वायुसेना में शामिल होना शुरू हो जाएगा। पहले कम से कम पांच विमान मिलेंगे। सरकार ने कुल 180 तेजस विमान खरीदने का ऑर्डर दिया है, जिसकी कीमत करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये है।
इसके अलावा, 114 और लड़ाकू विमान खरीदने की योजना पर भी काम चल रहा है, क्योंकि वायुसेना को और विमानों की जरूरत है।

नौसेना को मिलेंगी नई पनडुब्बियां और जहाज
भारत की तीसरी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी ‘INS अरिदमन’ इस साल शुरुआत में नौसेना में शामिल होगी। यह एक बड़ी उपलब्धि है।
चौथी परमाणु पनडुब्बी ‘S4*’ का समुद्र में परीक्षण शुरू हो गया है। इसमें 80 फीसदी हिस्से भारत में ही बने हैं, जो हमारी क्षमता को दिखाता है।
नौसेना में चार नए युद्धपोत भी शामिल होंगे – तारागिरी, महेंद्रगिरी, दुनागिरी और विंध्यगिरी। ये सभी अगस्त-सितंबर 2026 तक आ जाएंगे।

नई मिसाइलें और ड्रोन
भारत और रूस मिलकर एक खास तरह की मिसाइल ‘R-37’ पर काम कर रहे हैं। यह मिसाइल 200 किलोमीटर दूर तक के लक्ष्य को मार सकती है और दुश्मन के बड़े विमानों को निशाना बना सकती है।
इस साल लंबे समय तक हवा में रहने वाले ड्रोनों पर भी काम तेजी से होगा। ये ड्रोन निगरानी करने और हमले के लिए इस्तेमाल होंगे।
पानी के अंदर चलने वाला रोबोट विमान
भारत ने एक खास किस्म का पानी के नीचे चलने वाला रोबोट (बिना चालक का वाहन) बनाया है, जिसका नाम ‘जलकापी’ है। इसे पहली बार लोगों को दिखाया गया है। यह अपने आप काम करता है और समुद्र के अंदर जाकर जानकारी इकट्ठा कर सकता है।
रूस के साथ मिलकर SJ-100 पर काम
भारत और रूस मिलकर रक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। रूस 28-31 जनवरी को हैदराबाद में होने वाले विंग्स इंडिया 2026 में अपने SJ-100 और Il-114-300 विमान दिखाएगा। खास बात यह है कि भारत में Il-114-300 परिवहन विमान को मिलकर बनाने की योजना पर काम चल रहा है। ये विमान सैनिकों और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के काम आएंगे।
नए परिवहन विमान देंगे सैन्य मजबूती
21,935 करोड़ रुपये के सौदे के तहत, भारत को इस साल अपना पहला C-295 परिवहन विमान मिलेगा जो भारत में ही बनाया गया है। इससे वायुसेना की सामान ढोने की क्षमता बढ़ेगी।
सेना के काम आएंगे रेयर अर्थ मिनरल्स
आंध्र प्रदेश में कुछ खास खनिज मिले हैं जो हाई-टेक हथियार बनाने के काम आते हैं। इनकी प्रोसेसिंग के लिए एक फैक्ट्री इस साल चालू होगी, जो साल में 10,000 टन खनिज तैयार कर सकेगी। अब ये चीजें विदेश से नहीं मंगानी पड़ेंगी।
संक्षेप में समझें
साल 2026 भारतीय सेना के लिए बहुत खास साल बनने जा रहा है। भारत में ही बन रहे हथियार, नए आधुनिक विमान और पनडुब्बियां, और दूसरे देशों के साथ मजबूत साझेदारी – ये सभी चीजें मिलकर भारत को एक मजबूत ताकत बना रही हैं।
सरकार 79,000 करोड़ रुपये खर्च करके नए हथियार खरीद रही है। प्राइवेट कंपनियां भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। इससे देश अपने लक्ष्य तेजी से हासिल कर रहा है और किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार हो रहा है।
