Indian Army Robotic Dog: आर्मी डे पर देखिए सेना की हाई-टेक तैयारी

भारतीय सेना के इतिहास में 15 जनवरी, 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब जयपुर (Jaipur) ऐतिहासिक आर्मी डे परेड (Army Day Parade) की मेजबानी करेगा। इससे भी खास बात यह है कि सेना इस बार अपनी परेड छावनी (Cantonment) से बाहर निकलकर सीधे जनता के बीच, जगतपुरा की महल रोड (Mahal Road) पर आयोजित कर रही है।

इस भव्य परेड में भारतीय सेना की पारंपरिक शक्ति के साथ-साथ भविष्य की तकनीक का भी प्रदर्शन होगा, जिसमें सबसे बड़ा आकर्षण होंगे  MULES (म्यूल्स), यानी सेना के हाई-टेक रोबोटिक डॉग्स।

पिंक सिटी में पहली बार ‘भविष्य के सैनिक’

अब तक आर्मी डे परेड दिल्ली या चुनिंदा मिलिट्री कैंटोनमेंट में होती थी, लेकिन इस बार जयपुर की खुली सड़कों पर आम जनता सेना के शौर्य को करीब से देख सकेगी। इस परेड का मुख्य आकर्षण भारतीय सेना का नया ‘साइलेंट वॉरियर’ MULES (Multi-Utility Legged Equipment) होगा।

ये रोबोटिक डॉग्स अब सिर्फ प्रयोगशालाओं या परीक्षणों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जयपुर की सड़कों पर मार्च करते हुए यह संदेश देंगे कि भारतीय सेना अब ‘टेक्नोलॉजी फर्स्ट’ आर्मी बन चुकी है। सीमा पर निगरानी हो या आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन, यह मशीनी कुत्ता भारतीय सेना की ‘आंख और कान’ बनने जा रहा है।

क्या है MULES (म्यूल्स)?

MULES का पूरा नाम Multi-Utility Legged Equipment है। आसान भाषा में कहें तो यह चार पैरों वाला एक ऐसा रोबोट है जो कुत्ते की तरह दिखता है और चलता है, लेकिन इसका काम बेहद घातक और खुफिया है। इसे विशेष रूप से उन जगहों के लिए डिज़ाइन किया गया है जहाँ सैनिकों का जाना जोखिम भरा हो सकता है।

MULES की 5 बड़ी खूबियां जो इसे खास बनाती हैं:

  1. कठिन रास्तों का साथी: लद्दाख की बर्फीली चोटियां हों या घने जंगल, MULES हर तरह के उबड़-खाबड़ रास्तों पर आसानी से चल सकता है। यह 45 डिग्री तक की चढ़ाई चढ़ने और सीढ़ियों पर दौड़ने में सक्षम है।
  2. 360 डिग्री निगरानी: यह रोबोट थर्मल कैमरों और रडार से लैस है। यह अंधेरे में, कोहरे में और दीवारों के पीछे छिपे दुश्मन की भी जानकारी अपने ऑपरेटर (सैनिक) को भेज सकता है।
  1. घातक हमला करने में सक्षम: सिर्फ निगरानी ही नहीं, जरूरत पड़ने पर MULES के ऊपर छोटे हथियार (Small Arms) भी लगाए जा सकते हैं। किसी भी मुठभेड़ (Encounter) के दौरान यह दुश्मन पर पहली गोली चला सकता है।
  1. सैनिकों की सुरक्षा: आतंकवाद विरोधी अभियानों (CI/CT Ops) में अक्सर आतंकियों के छिपे होने की आशंका वाले कमरे में सबसे पहले घुसना खतरनाक होता है। अब यह काम MULES करेगा। यह ‘फर्स्ट कॉन्टैक्ट’ स्थापित करेगा, जिससे हमारे जवानों की जान को खतरा कम होगा।
  1. वजन उठाने की क्षमता: यह रोबोट अपने साथ गोला-बारूद और रसद (Logistics) भी ढो सकता है, जिससे लंबी दूरी की पेट्रोलिंग पर निकले जवानों का बोझ कम होगा।

‘टेक-सेवी’ होती भारतीय सेना

भारतीय सेना ने साल 2024 को ‘Year of Tech Absorption’ (तकनीक अवशोषण का वर्ष) के रूप में मनाया था और 2025-26 में इसका असर जमीन पर दिख रहा है। MULES जैसे उपकरणों का सेना में शामिल होना यह दर्शाता है कि भारतीय सेना अब पारंपरिक युद्धनीति के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स का बेहतरीन इस्तेमाल कर रही है।

संक्षेप में समझें

आर्मी डे के मौके पर MULES का प्रदर्शन यह संदेश देता है कि भारतीय सेना भविष्य के युद्धों (Future Warfare) के लिए पूरी तरह तैयार है। यह रोबोटिक डॉग न केवल हमारी सीमाओं को सुरक्षित करेगा बल्कि हमारे बहादुर सैनिकों के लिए एक सच्चे साथी की भूमिका भी निभाएगा।

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